कम सामग्री में भी जिसका स्वाद बेहद समृद्ध लगे, ऐसे व्यंजन इतालवी भोजन में कई हैं। बाकला, पेकोरिनो चीज़ और कुरकुरी सेंकी हुई रोटी से बना यह हल्का व्यंजन भी उसी परंपरा का हिस्सा है। इसमें उबले बाकले को मसलकर मलाईदार बनावट दी जाती है, और ऊपर से डाला गया पेकोरिनो चीज़ अपनी नमकीन तथा हल्की तीखी खुशबू से स्वाद को और गहरा कर देता है। कुरकुरी रोटी के साथ परोसने पर यह भोजन की शुरुआत के लिए बढ़िया विकल्प साबित होता है। आसान सामग्री से गहरा स्वाद इस व्यंजन की सबसे बड़ी खासियत इसकी सादगी ही है। ताज़े या फ्रीज़ किए हुए बाकले, पेकोरिनो चीज़, अच्छी क्वालिटी का जैतून का तेल, थोड़ा नींबू का रस, नमक और काली मिर्च इसके मुख्य आधार हैं। इनका यही मेल बाकले के हल्के मीठे स्वाद को उभारता है, और साथ में सेंकी हुई कुरकुरी रोटी नरम तथा कुरकुरेपन का सुंदर संतुलन बना देती है। बाकला तैयार करने के चरण अगर ताज़े बाकले ले रहे हैं तो सबसे पहले फलियों से दाने अलग कर लें। इन्हें उबलते पानी में थोड़ी देर पकाएँ, फिर ठंडे पानी में डाल दें; इससे रंग और ताज़गी बनी रहती है। बहुत बड़े या सख्त दानों पर मोटी परत हो तो उसे भी हटाया जा सकता है। छोटे और कोमल दानों को सीधे मसलकर इस्तेमाल किया जा सकता है। मलाई जैसी बनावट कैसे बने उबले बाकले को हाथ से या मसलने वाले औज़ार से अच्छी तरह मसल लें और उसमें थोड़ा जैतून का तेल तथा नींबू का रस मिला दें। मिश्रण का पूरी तरह चिकना होना ज़रूरी नहीं; हल्की दानेदार बनावट ही इसे घर जैसा और प्राकृतिक एहसास देती है। मिश्रण बहुत गाढ़ा लगे तो थोड़ा-सा उबला हुआ बाकले का पानी मिलाकर उसे नरम किया जा सकता है। पेकोरिनो का अलग स्वाद पेकोरिनो भेड़ के दूध से बनने वाला इतालवी चीज़ है, जिसका स्वाद आम मुलायम चीज़ के मुकाबले ज़्यादा नमकीन और तीखा होता है। इसे बारीक कद्दूकस करके बाकले के मिश्रण में मिलाया जा सकता है। इसकी थोड़ी मात्रा ही काफी है, क्योंकि स्वाद काफी गहरा होता है। ऊपर से थोड़ा और पेकोरिनो डालने पर व्यंजन देखने में भी ज़्यादा आकर्षक लगता है। रोटी के साथ इसका मेल नरम बाकले के साथ कुरकुरी रोटी इस पूरे व्यंजन का सबसे मज़ेदार हिस्सा है। मोटे टुकड़ों वाली देसी रोटी या खमीर वाली रोटी पर जैतून के तेल की पतली परत लगाकर उसे सेंका जा सकता है। रोटी के किनारे सुनहरे और कुरकुरे हो जाएँ तो उसे बाहर निकाल लें, और ऊपर से थोड़ा नमक तथा जैतून का तेल डालने से स्वाद और बढ़ जाता है। नींबू की ताज़गी बाकला और पेकोरिनो, दोनों का स्वाद गहरा होता है, इसलिए नींबू का रस इस व्यंजन में ताज़गी भर देता है। एक बार में बहुत ज़्यादा नींबू न डालें; शुरू में थोड़ी मात्रा डालें और स्वाद देखकर बढ़ाएँ। नींबू की हल्की खटास चीज़ की नमकीनता और बाकले की प्राकृतिक मिठास के बीच संतुलन बनाती है। जैतून का तेल क्या करता है अच्छी गुणवत्ता वाला जैतून का तेल इस व्यंजन का स्वाद काफी बदल सकता है। इसका इस्तेमाल सिर्फ़ पकाने में ही नहीं, तैयार बाकले के ऊपर डालने में भी किया जा सकता है। आख़िर में डाली गई तेल की पतली धार व्यंजन में चमक, सुगंध और मुलायमपन जोड़ती है। ज़्यादा तेल डालने से बाकले का स्वाद दब जाता है, इसलिए मात्रा संतुलित ही रखें। स्वाद में थोड़ा बदलाव मूल स्वाद बनाए रखते हुए इसमें कुछ छोटे बदलाव किए जा सकते हैं। ऊपर से ताज़ी पिसी काली मिर्च, बारीक कटा पुदीना या कुछ हरी पत्तियाँ डाल सकते हैं। तीखापन पसंद हो तो थोड़ी लाल मिर्च भी डाली जा सकती है। लेकिन ध्यान रहे, बहुत ज़्यादा मसाले डालने पर बाकले और पेकोरिनो का मूल स्वाद छिप जाता है। कब परोसें यह व्यंजन ताज़ा बनाकर परोसने पर सबसे स्वादिष्ट लगता है। बाकले का मिश्रण बहुत पहले बनाकर रख दें तो उसकी सतह थोड़ी सूख सकती है। अगर पहले से तैयार करना ज़रूरी हो तो उसे ढककर रखें और परोसने से पहले थोड़ा जैतून का तेल मिलाकर दोबारा नरम कर लें। रोटी हमेशा परोसने से ठीक पहले सेंकना ही बेहतर होता है। भोजन की शुरुआत में इसे मुख्य भोजन से पहले हल्के व्यंजन के तौर पर परोसा जा सकता है। एक बड़ी थाली में बाकले का मलाईदार मिश्रण फैलाएँ और ऊपर से पेकोरिनो, जैतून का तेल तथा काली मिर्च डालें। आसपास कुरकुरी रोटी के टुकड़े रख दें। इस तरह हर व्यक्ति अपनी पसंद से रोटी का टुकड़ा लेकर बाकले के मिश्रण के साथ खा सकता है। घर-परिवार के लिए सुविधाजनक घर पर मेहमानों के लिए भी यह व्यंजन आसानी से बनाया जा सकता है। बाकले का मिश्रण पहले से तैयार करके रखा जा सकता है और रोटी को परोसने से कुछ देर पहले सेंका जा सकता है। अलग-अलग स्वाद पसंद करने वालों के लिए नींबू, काली मिर्च और पेकोरिनो अलग से रखें, ताकि हर व्यक्ति अपने स्वाद के हिसाब से मात्रा तय कर सके। बाकले में पोषण बाकला पौधों से मिलने वाला ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसमें प्रोटीन और रेशे दोनों होते हैं। इसी वजह से यह सिर्फ़ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि संतुलित भोजन के हिस्से के रूप में भी अच्छा है। फिर भी इस व्यंजन में पेकोरिनो और जैतून का तेल भी शामिल है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखना ठीक रहता है। ताज़ी सामग्री स्वाद और पोषण, दोनों के लिए बेहतर विकल्प होती है। बच्चों को नया स्वाद बच्चों को बाकला पसंद न हो तो इसे बहुत चिकना करके रोटी पर पतली परत की तरह लगाकर दिया जा सकता है। पेकोरिनो कम रखकर नींबू और जैतून के तेल का संतुलन बनाया जा सकता है। इस तरह बच्चे धीरे-धीरे नई सब्ज़ियों और फलियों के स्वाद के आदी हो जाते हैं। बहुत छोटे बच्चों को खिलाते समय उनकी उम्र के हिसाब से बनावट और टुकड़ों का ध्यान ज़रूर रखें। स्वादों का संतुलन इस व्यंजन की सफलता किसी एक सामग्री में नहीं, बल्कि चार अलग-अलग स्वादों और बनावटों के मेल में छिपी है। बाकला नरम और हल्का मीठा है, पेकोरिनो नमकीन तथा गहरा स्वाद देता है, नींबू ताज़गी लाता है और सेंकी हुई रोटी कुरकुरापन जोड़ती है। जैतून का तेल इन सारे स्वादों को आपस में जोड़ने का काम करता है। अंत में मलाईदार बाकला और पेकोरिनो को कुरकुरी सेंकी हुई रोटी के साथ परोसना, सादी सामग्री से स्वादिष्ट इतालवी शुरुआत बनाने का बहुत आसान तरीका है।